अपराध

अनिल दूबे की पीएम रिपोर्ट आने पर भी नहीं खुल सका मौत का राज

स्थानीय कुड़वार थाना क्षेत्र के बहुचर्चित तिरछे-निरसहिया गांव निवासी युवक का शव करीब 70किमी दूर जिले के करौदीकला थाना क्षेत्र में गोमती नदी में तैरता हुआ बीते सात सितंबर को पाया गया था। सूचना पर पहुंचे परिवारीजनों ने अनिल कुमार उर्फ झिनकू दूबे के रूप में पहचान किया था। बीते तीन सितंबर को घर से बाहर निकले अनिल कुमार उर्फ झिनकू दूबे उम्र करीब 38वर्ष का शव करीब 70किमी दूर करौंदीकला थाना क्षेत्र के ब्राहिमपुर-प्रतापपुर पुलिया के निकट गोमती नदी में तैरता हुआ पाया गया था। जिसमें स्थानीय करौदीकला थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरते हुए पीएम कराया।परिवारीजनों तथा ग्रामीणों को पूरा भरोसा था कि पीएम रिपोर्ट मृतक की शरीर में कई स्थानों पर चोट के निशान आएगा। परन्तु पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बावजूद भी अनिल कुमार उर्फ झिनकू दूबे की मौत के कारणों का पता अभी तक नहीं चल सका है।

मृतक के बड़े भाई कृष्ण कुमार दूबे द्वारा शक के आधार पर दी गई तहरीर के आधार पर कुड़वार थानाध्यक्ष रवि कुमार सिंह ने कई लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था लेकिन पीएम रिपोर्ट में चोट के निशान न मिलने पर साक्ष्य के अभाव में हिरासत में लिए गए लोगों को आज दोपहर बाद रिहा कर दिया गया।मुकामी पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर क्षेत्र में सवाल उठना शुरू हो गया है।

मृतक के बड़े भाई कृष्ण कुमार दूबे ने बताया कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि इन्हीं लोगों ने हमारे भाई अनिल कुमार उर्फ झिनकू दूबे की हत्या की है। लेकिन कुड़वार पुलिस द्वारा भाई के हत्यारों को हिरासत से रिहा करना कई ओर इंगित कर रहा है। शनिवार को मृतक की पत्नी अपनी तीनों बेटियों के साथ पुलिस अधीक्षक डॉ विपिन कुमार मिश्र से मुलाकात कर न्याय की गुहार (मांग) करेंगी।

इस बाबत पूछने पर क्षेत्राधिकारी (सीओ सिटी) राघवेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डेथ की रिपोर्ट स्पष्ट नहीं है। घटना की जांच के लिए बिसरा जांच भेज दी गई है। रिपोर्ट मिलने के आधार पर दंडात्मक कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

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